Gopal Jalan

Jindagi Rah Par Ek Cintan Prabah

जिंदगी की राह पर एक चिंतन प्रवाह

स्तंभकार-लेखक गोपाल जालान की पुस्तक "जिंदगी की राह पर एक चिंतन प्रवाह' पहली हिंदी पुस्तक है। वर्ष 2014 में गुवाहाटी के विशाल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का मूल्य 200 रुपए हैं। समसामयिक जीवन से संबंधित विभिन्न विषयों पर लिखे गए लेख को इस पुस्तक में संकलित किया गया है। दैनिक जीवन से संबंधित मसले, समस्याएं, विभिन्न व्यक्ति-संगठन, धर्म-पर्व-त्यौहार, मानवीय मूल्यों से जुड़े विषयों को समेटते हुए लेखक ने इस पुस्तक को लिखा है। लेखक की रचनाओं का दायरा सिर्फ असम अथवा भारत तक ही सिमित नहीं है, विश्व की विभिन्न सामयिक प्रसंगों को भी लेखक की कलम ने स्पर्श किया है। लेखक ने प्रासंगिक घटनाप्रवाह के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को बड़ी गहराई के साथ प्रस्तुत किया है। कई लेखों में लोक-संस्कृति से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया जा सकता है।

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